स्वास्थ्य और खुशी गहराई से जुड़े हैं।
अगर चलना कठिन लगे या हम हमेशा बैठे-बैठे मोबाइल पर स्क्रॉल करते रहें, तो सच्ची खुशी पाना मुश्किल हो जाता है। मज़ेदार वीडियो हमें मुस्कुराते हैं, लेकिन वह आनंद क्षणिक होता है और स्क्रीन हटते ही चिंता लौट आती है। असली खुशी गति, खेल और उपस्थिति से आती है। जैसे हम बचपन में गली में खेलते थे, वैसे ही हमें और हमारे बच्चों को बाहर खेलने, हँसने और ताज़ी हवा में साँस लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। यह छोटा कदम पूरे मोहल्ले में आनंद और स्वास्थ्य की लहर ला सकता है।

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